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तमिलनाडु विधानसभा में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने सोमवार को पुलिस व्यवस्था, भ्रष्टाचार और महिलाओं के सम्मान को लेकर सरकार का रुख बेहद सख्त शब्दों में स्पष्ट किया। पुलिस विभाग से जुड़ी चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि पुलिस सत्ता का केंद्र बनने के लिए नहीं, बल्कि जनता की रक्षा और सेवा के लिए है।
विजय ने सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार को लेकर भी स्पष्ट चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति पर चलेगी और भ्रष्टाचार निरोधक तथा निगरानी एजेंसियों को बिना किसी दबाव या रियायत के कानूनी कार्रवाई करने की पूरी स्वतंत्रता दी गई है।
मुख्यमंत्री ने महिलाओं के खिलाफ अभद्र और अपमानजनक भाषा के बढ़ते इस्तेमाल पर भी तीखी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध कितना भी तीखा क्यों न हो, किसी महिला को व्यक्तिगत रूप से अपमानित करने की इजाजत नहीं दी जा सकती। महिलाओं की गरिमा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कानून अपना काम करेगा।
विजय ने राजनीतिक भाषा में गिरते स्तर पर भी सवाल उठाया और कहा कि राजनीति में शालीनता और राजनीतिक नैतिकता जरूरी है। उनका संदेश साफ था—सत्ता हो या विपक्ष, पुलिस हो या प्रशासन, कानून से ऊपर कोई नहीं।
**विजय का यह तेवर अब सिर्फ बयान नहीं, शासन की कसौटी बनेगा—क्योंकि जनता देखेगी कि ‘गुनहगार कोई भी हो, बचेगा नहीं’ का दावा जमीन पर कितना उतरता है।**

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