चोट या ऑपरेशन के बाद फिजियोथेरेपी शुरू करने वाले कई लोग दर्द कम होते ही व्यायाम और सत्र बंद कर देते हैं। लेकिन दर्द का खत्म होना हमेशा पूरी तरह ठीक होने का संकेत नहीं होता। कई मामलों में मांसपेशियों की ताकत, जोड़ की गति, संतुलन और शरीर की कार्यक्षमता को सामान्य होने में अधिक समय लग सकता है। फिजियोथेरेपी का उद्देश्य सिर्फ दर्द कम करना नहीं, बल्कि शरीर की गति और कार्यक्षमता को बेहतर करना भी है।
विशेषज्ञों के अनुसार चोट के बाद दिए गए व्यायाम शरीर को धीरे-धीरे मजबूत बनाने और रोजमर्रा की गतिविधियों में वापस लौटने में मदद करते हैं। दर्द कम होने के बाद इन्हें अचानक छोड़ देने से व्यक्ति उस स्तर की ताकत और क्षमता हासिल नहीं कर पाता जिसकी जरूरत सामान्य गतिविधियों या खेल के लिए होती है। नियमित और धीरे-धीरे बढ़ाई गई गतिविधि पुनर्वास का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं कि हर मरीज को दर्द खत्म होने के बाद लंबे समय तक फिजियोथेरेपी केंद्र जाना ही पड़े। कितने सत्र जरूरी हैं और घर पर कौन-से व्यायाम जारी रखने हैं, यह चोट और व्यक्ति की स्थिति के अनुसार फिजियोथेरेपिस्ट तय करता है। कई मामलों में उपचार पूरा होने के बाद भी बताए गए व्यायाम जारी रखने की सलाह दी जाती है।
इसलिए दर्द खत्म होते ही अपनी तरफ से फिजियोथेरेपी बंद करने के बजाय विशेषज्ञ से पूछें कि क्या अब उपचार पूरा हो चुका है या शरीर को अभी और मजबूत करने की जरूरत है। खासकर चोट, सर्जरी या लंबे समय की समस्या के बाद यह सावधानी दोबारा परेशानी से बचाने में मदद कर सकती है।

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