इंदौर। मध्यप्रदेश में अजाक्स संघ के भीतर चल रहा विवाद अब पुलिस तक पहुंच गया है। संघ से जुड़े पदाधिकारियों ने पुलिस आयुक्त से मुलाकात कर आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा और मुकेश मौर्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। विवाद के दोनों पक्ष एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं।
मामले ने इसलिए भी तूल पकड़ लिया है क्योंकि इसमें एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और कर्मचारी संगठन से जुड़े पदाधिकारी आमने-सामने हैं। अजाक्स से जुड़े लोगों का कहना है कि विवाद में कथित तौर पर हुई घटनाओं की निष्पक्ष जांच कर दोनों पक्षों की शिकायतों पर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
पुलिस के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती यही है कि मामले को किसी संगठन या पद की ताकत के बजाय उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर देखा जाए। यदि दोनों पक्षों की ओर से शिकायतें और आरोप सामने आए हैं तो प्रत्येक आरोप की स्वतंत्र जांच जरूरी होगी।
यह विवाद अब केवल दो व्यक्तियों के बीच का मामला नहीं रह गया है। इसके असर से संगठन की आंतरिक राजनीति और प्रशासनिक तंत्र के बीच संबंधों पर भी सवाल उठ रहे हैं।
सवाल यह है कि कानून सबके लिए बराबर है तो क्या आईएएस अधिकारी हो या संगठन का पदाधिकारी—शिकायत मिलने पर दोनों पक्षों के आरोपों की समान गंभीरता से जांच होगी?
अब सबकी नजर पुलिस की अगली कार्रवाई पर है।

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