नई दिल्ली। कांग्रेस ने युवाओं के बीच अपनी राजनीतिक पहुंच बढ़ाने की रणनीति में अब युवा वकीलों को भी जोड़ने की तैयारी शुरू कर दी है। छात्रों के बीच संवाद और अभियान के बाद पार्टी का फोकस अब कानून की पढ़ाई कर चुके और शुरुआती दौर में प्रैक्टिस कर रहे Gen Z वकीलों पर दिखाई दे रहा है। हालिया रिपोर्ट के मुताबिक राहुल गांधी के साथ युवा वकीलों की बैठक हुई है और इस पहल को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी वरिष्ठ नेता एवं सांसद अभिषेक मनु सिंघवी के नेतृत्व वाले कांग्रेस के कानून, मानवाधिकार एवं आरटीआई विभाग को दी गई है।
दरअसल, कांग्रेस पहले ही युवा वकीलों के लिए ‘INC Legal Fellows’ कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा कर चुकी है। इसके तहत युवा कानूनी पेशेवरों को पार्टी के सांसदों के साथ काम करने, संसदीय कामकाज समझने और पार्टी की कार्यप्रणाली से जुड़ने का अवसर देने की योजना है।
अब सूत्रों के हवाले से दावा है कि शुरुआती स्तर पर कुछ युवा वकीलों के साथ पायलट परियोजना शुरू की जा रही है। ये वकील जरूरत पड़ने पर कांग्रेस सांसदों को कानूनी सहायता उपलब्ध करा सकते हैं। आगे चलकर यदि ये युवा पार्टी की विचारधारा और नीतियों से सहमत होते हैं तो उन्हें संगठन से जोड़ने और सदस्यता देने की संभावना भी है।
कांग्रेस की रणनीति को केवल कानूनी मदद तक सीमित नहीं देखा जा रहा। पार्टी शायद एक ऐसी नई पीढ़ी तैयार करना चाहती है जो कानून समझती हो, डिजिटल दुनिया में सक्रिय हो और राजनीति को पेशेवर नजरिए से देखती हो।
छात्रों के बाद अब वकील—यानी कांग्रेस की कोशिश साफ है कि युवा असंतोष को सिर्फ भाषणों में नहीं, बल्कि संगठनात्मक ताकत में बदला जाए।
हालांकि यह प्रयोग कितना बड़ा राजनीतिक नेटवर्क बन पाएगा, इसका जवाब आने वाले महीनों में मिलेगा। फिलहाल कांग्रेस ने युवा वर्ग के लिए एक और दरवाजा खोल दिया है।

Post a Comment