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अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना ने ईरान में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के ठिकानों पर ताजा हमले किए हैं। अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यावसायिक जहाजों और क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाने की कथित कोशिशों के जवाब में की गई।
हमलों के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को बेहद कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अगर ईरान ने जवाबी कार्रवाई की तो अमेरिका और भी ज्यादा ताकत से हमला करेगा। ट्रंप ने यहां तक कहा कि ‘सबसे बड़ा हमला’ अभी बाकी है और उसके बाद ईरान के इस्लामिक गणराज्य के लिए हालात बेहद गंभीर हो सकते हैं।
ईरान ने भी पीछे हटने के संकेत नहीं दिए। रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के प्रवक्ता होसैन मोहेबी ने चेतावनी दी कि अमेरिका को अपने नए हमलों पर पछताना पड़ेगा और हमलावरों को गंभीर सजा दी जाएगी। इसके बाद ईरान की ओर से क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमलों की खबरें सामने आईं।
सबसे बड़ी चिंता अब होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर । है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है। यहां सैन्य तनाव बढ़ने का सीधा असर वैश्विक तेल आपूर्ति और कीमतों पर पड़ सकता है।
यानी मामला अब सिर्फ अमेरिका और ईरान की बयानबाजी तक सीमित नहीं रहा। **एक तरफ ट्रंप का ‘सबसे बड़ा हमला’ का अल्टीमेटम है, दूसरी तरफ तेहरान का ‘पछताने’ का जवाब—अगर दोनों में से किसी ने अगला कदम बढ़ाया तो पूरा मध्य पूर्व फिर बड़ी जंग की आग में झुलस सकता है।**

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