माई-बाप’ संस्कृति पर निशाना, मेक इन इंडिया और विकास के मुद्दे पर सरकार का रिपोर्ट कार्ड भी रखा
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स के शताब्दी समारोह में विपक्ष, खासकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने बिना नाम लिए राहुल गांधी और विपक्ष की राजनीति को ‘माई-बाप संस्कृति’ से जोड़ते हुए कहा कि ऐसी राजनीति दशकों तक चली, लेकिन अब वह इसके सामने चट्टान की तरह खड़े हैं।
मोदी ने कहा कि पुरानी कहावत है—‘सांच को आंच नहीं।’ उन्होंने कहा कि वे अपना रिपोर्ट कार्ड लेकर जनता और युवाओं के सामने आए हैं और “सच की हुंकार के आगे झूठ की गूंज टिक नहीं सकेगी।” उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर राजनीतिक टकराव लगातार जारी है।
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में 2013 में इसी मंच से किए गए ‘मेड इन इंडिया’ के आह्वान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस समय कुछ लोगों को यह विचार असंभव लगता था, लेकिन आज भारत में बने मोबाइल फोन दुनिया के बाजारों तक पहुंच रहे हैं। मोदी ने दावा किया कि भारत अब ढाई लाख करोड़ रुपये से अधिक के मोबाइल फोन का निर्यात कर रहा है।
विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कुछ लोग हर नए काम में ‘नाराज फूफा’ की भूमिका निभाते हैं और पूछते हैं—“इसकी क्या जरूरत है?” उन्होंने बुलेट ट्रेन, यूपीआई, चिप, नई संसद और युद्ध स्मारक जैसे उदाहरण देते हुए कहा कि देश ने ऐसे विरोधों का जवाब अपने काम से दिया है।
मोदी का एसआरसीसी भाषण इसलिए भी महत्वपूर्ण रहा क्योंकि उन्होंने आर्थिक उपलब्धियों के साथ सीधे राजनीतिक संदेश भी दिया—**सरकार के काम को उपलब्धियों से परखिए, आरोपों से नहीं।**

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