कठुआ। जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में CISF कैंप के भीतर मंगलवार शाम हुई फायरिंग ने सुरक्षा बलों के बीच सनसनी फैला दी। सेवा हाइडल पावर प्रोजेक्ट, माश्का में तैनात हेड कांस्टेबल अवधेश कुमार सिंह ने कथित तौर पर अपनी सर्विस AK-47 से साथियों पर गोलियां चला दीं। घटना में असिस्टेंट कमांडेंट अंकित कुमार पांडे, सब-इंस्पेक्टर लक्ष्मण सिंह और कांस्टेबल संजीव कुमार व मोहम्मद रफीक की मौत हो गई। आरोपी को बाद में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
प्रारंभिक जांच में फायरिंग से पहले जवानों के बीच हुए विवाद को अहम कड़ी माना जा रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक अवधेश कुमार सिंह और उनकी पत्नी भी CISF में तैनात हैं और दोनों की अलग-अलग शिफ्ट होने के कारण अपने छोटे बच्चे को एक-दूसरे को सौंपने के लिए साइट पर लाना पड़ता था। अधिकारियों ने कथित तौर पर बच्चे को प्रोजेक्ट साइट पर लाने से मना किया था। घटना वाले दिन इसी मुद्दे पर शिकायत के बाद विवाद बढ़ने की बात सामने आई है।
हालांकि बच्चे से जुड़ा विवाद ही गोलीबारी की अंतिम वजह थी, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। CISF ने कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश दिए हैं, जबकि कठुआ पुलिस भी पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार जांच में विवाद की शुरुआत, फायरिंग तक पहुंचने की परिस्थितियां और सुरक्षा प्रोटोकॉल की भूमिका स्पष्ट होगी।

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