जबलपुर। मध्यप्रदेश में ग्रामीण डाक सेवक (GDS) भर्ती में फर्जी दस्तावेजों के सहारे सरकारी नौकरी हासिल करने का मामला सामने आया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने जबलपुर में कार्रवाई करते हुए 8 आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की है। आरोप है कि इन लोगों ने ग्रामीण डाक सेवक पद पर नियुक्ति हासिल करने के लिए फर्जी 10वीं की अंकसूची का इस्तेमाल किया।
CBI की प्रारंभिक जांच के अनुसार आरोपियों ने भर्ती प्रक्रिया के दौरान ऐसे शैक्षणिक दस्तावेज प्रस्तुत किए, जिनकी सत्यता पर सवाल सामने आए। दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान कथित फर्जीवाड़े की जानकारी सामने आने के बाद मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी तक पहुंची।
ग्रामीण डाक सेवक भर्ती में उम्मीदवारों का चयन मुख्य रूप से 10वीं कक्षा में प्राप्त अंकों और ऑनलाइन आवेदन के दौरान जमा किए गए दस्तावेजों के आधार पर किया जाता है। ऐसे में अंकसूची में हेरफेर या फर्जी प्रमाणपत्र के जरिए पात्रता हासिल करना भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सीधा सवाल खड़ा करता है।
CBI ने दर्ज प्रकरण में फर्जी दस्तावेज तैयार करने, उनका इस्तेमाल करने और धोखाधड़ी से नौकरी हासिल करने से जुड़े आरोपों की जांच शुरू कर दी है। अब एजेंसी यह पता लगाएगी कि फर्जी मार्कशीट कहां तैयार हुईं, सत्यापन प्रक्रिया में किस स्तर पर चूक हुई और क्या इस नेटवर्क में अन्य लोग भी शामिल हैं।
जांच आगे बढ़ने के साथ आरोपियों के दस्तावेज, नियुक्ति रिकॉर्ड और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है।

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