नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे को लेकर चल रही खींचतान के बीच भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह का बयान चर्चा में आ गया है।
उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब 30 सितंबर को दिल्ली में INDIA ब्लॉक की बैठक हुई और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव इसमें खुद शामिल नहीं हुए। उनकी जगह पार्टी का प्रतिनिधिमंडल बैठक में पहुंचा। कांग्रेस की ओर से राहुल गांधी, सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे समेत वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
यूपी में सपा और कांग्रेस के बीच सीटों का बंटवारा अभी तय नहीं हुआ है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार कांग्रेस करीब 150 सीटों पर दावेदारी कर रही है, जबकि सपा की ओर से कम सीटों पर समझौते की बात सामने आई है। हालांकि दोनों दलों की ओर से अंतिम सीट-वितरण की घोषणा नहीं हुई है।
अखिलेश की बैठक से दूरी को लेकर कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा था कि सपा प्रमुख राज्यसभा चुनाव की तैयारियों में व्यस्त हैं और उनसे बातचीत हुई है।
इसी राजनीतिक खींचतान के बीच बृजभूषण का एक वाक्य—“अखिलेश के बिना सब सूना है”—यूपी के आगामी चुनावी समीकरणों पर चर्चा का नया मुद्दा बन गया है।

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