नई दिल्ली । बौद्धिक प्रतिकार
एशियाई खेलों का मंच तैयार है और 19 सितंबर से जापान के आइची-नागोया में मुकाबलों का आगाज होगा। भारत इस बार भी बड़े दल के साथ उतरेगा। दिग्गज खिलाड़ियों के बीच कुछ ऐसे नाम हैं जिनसे पदक की उम्मीद अचानक मजबूत हुई है और जो टूर्नामेंट में भारत के लिए सरप्राइज पैकेज साबित हो सकते हैं।
इनमें अनाहत सिंह का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है। 18 वर्षीय स्क्वाश खिलाड़ी ने जुलाई में विश्व जूनियर चैंपियनशिप जीतकर इतिहास रचा और इसी साल करियर की सर्वश्रेष्ठ विश्व रैंकिंग 18 हासिल की। एशियाई खेलों में वह महिला एकल में तीसरी वरीयता के साथ उतरेंगी। स्क्वाश के एकल मुकाबले 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए क्वालीफिकेशन से भी जुड़े हैं।
अनुष्का यादव एथलेटिक्स में भारत की नई उम्मीदों में शामिल हैं। बड़े मंच पर उनका प्रदर्शन ध्यान खींच सकता है। इसी तरह अविनाश साबले के अनुभव और अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रदर्शन पर भी नजर रहेगी।
स्क्वाश में अभय सिंह भी अहम नाम हैं। पुरुष एकल में उन्हें दूसरी वरीयता मिली है, जिससे भारत की पदक संभावनाओं पर निगाहें रहेंगी।
वहीं अनुभवी जोशना चिनप्पा की कहानी अलग है। वह सात लगातार एशियाई खेलों में हिस्सा लेने वाली पहली भारतीय बनेंगी। उनके खाते में पहले ही पांच एशियाई खेल पदक हैं।
भारत ने 2023 हांगझोऊ खेलों में रिकॉर्ड 107 पदक जीते थे। इस बार नजर सिर्फ बड़े नामों पर नहीं, बल्कि उन खिलाड़ियों पर भी होगी जो अपने प्रदर्शन से नया अध्याय लिख सकते हैं।

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