शाकाहारी भोजन में फल, सब्जियां, दालें, साबुत अनाज, मेवे और बीज भरपूर मात्रा में शामिल किए जाएं तो यह फाइबर और कई जरूरी पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत हो सकता है। लेकिन भोजन में पर्याप्त विविधता न होने पर कुछ पोषक तत्वों की कमी का जोखिम बढ़ सकता है।
विटामिन B12 इनमें सबसे महत्वपूर्ण है। यह मुख्य रूप से पशु-आधारित खाद्य पदार्थों में मिलता है। कमी होने पर थकान, कमजोरी, एनीमिया और नसों से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं।
आयरन की कमी से हीमोग्लोबिन कम होने, कमजोरी, चक्कर और जल्दी थकने जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। पौधों से मिलने वाला आयरन शरीर में अपेक्षाकृत कम अवशोषित होता है, इसलिए दालों, बीन्स, हरी पत्तेदार सब्जियों और विटामिन C वाले खाद्य पदार्थों का संयोजन उपयोगी है।
कैल्शियम और विटामिन D हड्डियों और मांसपेशियों के लिए जरूरी हैं। दूध-दही न लेने वाले लोगों को कैल्शियम के अन्य स्रोतों पर विशेष ध्यान देना चाहिए, जबकि विटामिन D का प्रमुख स्रोत सूर्यप्रकाश के साथ फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थ और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय सलाह है।
इसके अलावा ओमेगा-3 फैटी एसिड की पर्याप्त मात्रा के लिए अलसी, चिया सीड्स और अखरोट जैसे विकल्प भोजन में शामिल किए जा सकते हैं।
किसी पोषक तत्व की कमी का संदेह होने पर केवल सप्लीमेंट शुरू करने के बजाय डॉक्टर या डाइटीशियन की सलाह और जरूरत के अनुसार रक्त जांच कराना बेहतर है।

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