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चीन पर भी चढ़ा ‘मेड इन इंडिया’ का खुमार, 5 महीनों में 9.6 अरब डॉलर की खरीदारी; BRICS देशों में भी बढ़ी भारतीय सामान की धाक

 

नई दिल्ली। भारत के बढ़ते मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर और निर्यात को लेकर एक दिलचस्प तस्वीर सामने आई है। चीन समेत BRICS समूह के देशों में भारतीय उत्पादों की मांग बढ़ने की चर्चा ने व्यापार के मोर्चे पर ध्यान खींचा है। चीन के साथ भारत का व्यापार लंबे समय से बड़े आयात-निर्यात असंतुलन के कारण चर्चा में रहा है, लेकिन हालिया आंकड़े बताते हैं कि भारतीय कंपनियां और उत्पाद कई विदेशी बाजारों में अपनी मौजूदगी मजबूत कर रहे हैं।



दिए गए आंकड़े के मुताबिक, चीन ने पांच महीनों में भारत से करीब 9.6 अरब डॉलर का सामान खरीदा है। यह आंकड़ा इस बात की ओर संकेत करता है कि दोनों देशों के बीच व्यापार केवल चीन से भारतीय आयात तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत से चीन जाने वाले उत्पादों की भी बड़ी हिस्सेदारी है।


BRICS देशों के संदर्भ में भी भारत का निर्यात लगातार महत्वपूर्ण बना हुआ है। इंजीनियरिंग सामान, इलेक्ट्रॉनिक्स, पेट्रोलियम उत्पाद, फार्मास्युटिकल्स, रसायन और मशीनरी जैसे क्षेत्रों में भारतीय कंपनियां वैश्विक बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की कोशिश कर रही हैं।


हालांकि 9.6 अरब डॉलर के आंकड़े को चीन की कुल खरीद या भारत के कुल निर्यात के बराबर नहीं माना जाना चाहिए। यह संबंधित अवधि में भारत से चीन को हुए निर्यात का आंकड़ा है।


भारत के लिए चुनौती अब केवल निर्यात बढ़ाने की नहीं, बल्कि ज्यादा मूल्यवर्धित और तकनीकी उत्पादों की हिस्सेदारी बढ़ाने की है। यदि भारतीय कंपनियां इन क्षेत्रों में प्रतिस्पर्धा मजबूत करती हैं तो ‘मेड इन इंडिया’ की वैश्विक पहुंच और बढ़ सकती है।

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