सेज यूनिवर्सिटी के गर्ल्स हॉस्टल में भोजन की गुणवत्ता को लेकर छात्राओं का गुस्सा फूट पड़ा। खाने में कथित तौर पर कीड़े मिलने के बाद छात्राओं ने हॉस्टल परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। करीब चार घंटे तक चले प्रदर्शन से प्रबंधन में हड़कंप मच गया।
छात्राओं का आरोप है कि हॉस्टल में उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की गुणवत्ता को लेकर पहले भी शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। भोजन में कीड़े मिलने की घटना सामने आने के बाद छात्राओं ने जिम्मेदार अधिकारियों के सामने अपनी नाराजगी जताई और व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग की।
हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं के लिए भोजन की गुणवत्ता कोई सामान्य शिकायत नहीं है। रोजाना बड़ी संख्या में छात्राएं इसी भोजन पर निर्भर रहती हैं। ऐसे में खाद्य पदार्थों की साफ-सफाई और गुणवत्ता की नियमित जांच की व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि हॉस्टल में भोजन परोसने से पहले उसकी गुणवत्ता की जांच कौन करता है? यदि भोजन में वास्तव में कीड़े पाए गए तो रसोई और खाद्य सामग्री की निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी है?
प्रबंधन के सामने अब केवल छात्राओं का प्रदर्शन शांत कराने की चुनौती नहीं है। उसे यह भी स्पष्ट करना होगा कि घटना की जांच कैसे होगी और भविष्य में ऐसी शिकायत दोबारा न आए, इसके लिए क्या व्यवस्था बदली जाएगी।
चार घंटे का प्रदर्शन सिर्फ खाने की एक प्लेट का विवाद नहीं, बल्कि छात्राओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य और हॉस्टल प्रबंधन की जवाबदेही पर बड़ा सवाल है।

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