कैंसर का नाम सुनते ही अक्सर बीमारी के इलाज की चर्चा शुरू हो जाती है, लेकिन इससे पहले यह समझना जरूरी है कि भारतीय पुरुषों में कौन से कैंसर ज्यादा सामने आ रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन की कैंसर एजेंसी IARC के GLOBOCAN 2022 आंकड़ों के मुताबिक भारत में पुरुषों में होंठ और मुंह का कैंसर सबसे ज्यादा पाया गया। इसके बाद फेफड़े, खाने की नली और कोलोरेक्टल कैंसर प्रमुख रहे।
मुंह का कैंसर: भारत में पुरुषों के लिए यह सबसे बड़ा कैंसर बोझ है। तंबाकू, गुटखा, खैनी और सुपारी जैसे उत्पादों का इस्तेमाल इसका महत्वपूर्ण जोखिम कारक है। मुंह में लंबे समय तक रहने वाला घाव, सफेद या लाल धब्बा, गांठ या लगातार दर्द जैसे बदलावों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
फेफड़ों का कैंसर: पुरुषों में दूसरा सबसे अधिक पाया जाने वाला कैंसर फेफड़ों का है। धूम्रपान इसका प्रमुख जोखिम कारक है, हालांकि धूम्रपान न करने वालों में भी वायु प्रदूषण और अन्य कारणों से यह बीमारी हो सकती है।
खाने की नली का कैंसर: लगातार तंबाकू और शराब का सेवन इसका जोखिम बढ़ा सकता है। निगलने में परेशानी, खाना अटकने जैसा महसूस होना या बिना वजह वजन घटना चेतावनी के संकेत हो सकते हैं।
कोलोरेक्टल कैंसर: बड़ी आंत और मलाशय का कैंसर भी पुरुषों में प्रमुख कैंसरों में शामिल है। खानपान, मोटापा, कम शारीरिक गतिविधि, शराब और कुछ अन्य कारक इसके जोखिम से जुड़े हैं।
कैंसर का मतलब हमेशा मौत नहीं है। समय पर पहचान और उचित इलाज से कई कैंसर का बेहतर उपचार संभव है। इसलिए लगातार बने रहने वाले लक्षणों को गैस, सामान्य घाव या उम्र का असर मानकर महीनों तक टालना भारी पड़ सकता है।
सबसे बड़ा बचाव यही है कि तंबाकू से दूरी रखें, शराब सीमित करें, वजन और खानपान पर ध्यान दें और शरीर में बने किसी असामान्य बदलाव को नजरअंदाज न करें।
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