इंदौर। स्कीम नंबर-54 स्थित श्री सत्य साईं विद्या विहार स्कूल से जुड़े संपत्तिकर विवाद ने अब बड़ा वित्तीय सवाल खड़ा कर दिया है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक नगर निगम ने स्कूल पर करीब 4.30 करोड़ रुपये संपत्तिकर बकाया बताया है और आगे हर साल लगभग 45 लाख रुपये कर जमा करने की बात सामने आई है। निगम की गणना और मांग को लेकर न्यायालय में लंबे समय से विवाद चल रहा था।
मामले की खास बात यह है कि श्री सत्य साईं शिक्षा विहार ट्रस्ट और इंदौर नगर निगम के बीच संपत्तिकर को लेकर विवाद नया नहीं है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने 17 मार्च 2026 के अपने आदेश में पुराने मामले की सुनवाई करते हुए शैक्षणिक संस्थाओं को संपत्तिकर संबंधी वैधानिक छूट के प्रावधानों और पूर्व न्यायिक फैसलों का उल्लेख किया था। आदेश में यह भी दर्ज है कि संबंधित संस्था के मामले में संपत्तिकर देयता को लेकर महत्वपूर्ण कानूनी प्रश्न मौजूद रहा है।
ऐसे में 4.30 करोड़ रुपये की मौजूदा मांग और सालाना 45 लाख रुपये के आकलन का आधार क्या है, यह सार्वजनिक होना जरूरी है। निगम ने किस अवधि के लिए कितनी राशि जोड़ी, किस दर से मूल्यांकन हुआ और स्कूल प्रबंधन की छूट संबंधी आपत्ति पर अदालत ने मौजूदा स्तर पर क्या निर्णय दिया—इन सवालों के जवाब दस्तावेजों से ही स्पष्ट होंगे।
मामला सिर्फ एक स्कूल के टैक्स का नहीं है। सवाल यह भी है कि शैक्षणिक संस्थानों को मिलने वाली वैधानिक छूट और नगर निगम की राजस्व वसूली के बीच सीमा आखिर तय कैसे होगी?

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