राहुरी। महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले के राहुरी में सरकारी सहायता एवं सानुग्रह अनुदान के वितरण में कथित अनियमितता का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में करीब छह महीने से फरार चल रही महिला तलाठी मंगल रूपचंद गुसिंगे को गिरफ्तार किया है।
जांच के अनुसार, गुसिंगे राहुरी तहसील के माहेगांव में ग्राम महसूल अधिकारी के रूप में कार्यरत थीं। वर्ष 2022-23 के दौरान सरकारी सहायता राशि के वितरण में नियमों का पालन नहीं करने के आरोप लगे थे। जांच समिति की रिपोर्ट में करीब 3 लाख 65 हजार 340 रुपये की अनियमितता सामने आने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की। इसके बाद अप्रैल 2026 में राहुरी पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया था।
मामले में मंडल अधिकारी विजय बबनराव बेरड की शिकायत पर प्रकरण दर्ज किया गया था। आरोप है कि सरकारी निधि के वितरण में नियमबाह्य तरीके अपनाए गए, जिससे शासन को आर्थिक नुकसान हुआ। पुलिस के मुताबिक आरोपी महिला अधिकारी लंबे समय से फरार थी और अंततः 5 सितंबर 2026 को पुलिस के समक्ष पेश हुई, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
मामले ने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए हैं। खास बात यह है कि संबंधित प्रकरण की जांच आगे बढ़ने पर अनुदान वितरण में और भी गड़बड़ियां या अन्य लोगों की भूमिका सामने आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है।
अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि सरकारी धन के वितरण में कथित अनियमितता केवल एक अधिकारी तक सीमित थी या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क भी सक्रिय था।

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