नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने रेलवे के बुनियादी ढांचे को बड़ा विस्तार देते हुए 20,804 करोड़ रुपये की लागत वाली आठ मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी है। कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स के इस फैसले से 9 राज्यों के 31 जिलों में करीब 1,196 किलोमीटर अतिरिक्त रेल ट्रैक तैयार किए जाएंगे। परियोजनाओं का लक्ष्य व्यस्त रेल मार्गों पर दबाव घटाना और यात्री तथा मालगाड़ियों की आवाजाही को तेज करना है।
इन परियोजनाओं का असर पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना तक होगा। सरकार के मुताबिक इससे करीब 6,911 गांवों को बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिलेगी और लगभग 1.1 करोड़ आबादी को लाभ पहुंचने की उम्मीद है।
परियोजनाओं से रेलवे की माल ढुलाई क्षमता में भी बड़ा इजाफा होने का अनुमान है। सरकार के अनुसार इनके पूरा होने पर करीब 7.4 करोड़ टन सालाना अतिरिक्त माल ढुलाई क्षमता विकसित हो सकती है। कोयला, सीमेंट, स्टील, पेट्रोलियम उत्पाद, उर्वरक, ऑटोमोबाइल और खाद्यान्न जैसे माल की आवाजाही इससे तेज होने की उम्मीद है।
रेलवे के लिए यह मंजूरी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि कई प्रमुख रूट पहले से ही क्षमता के दबाव में हैं। नई लाइनें और मल्टी-ट्रैकिंग सिर्फ ट्रेनों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि समयपालन, माल परिवहन और लॉजिस्टिक्स लागत पर भी असर डाल सकती हैं। परियोजनाओं को वित्त वर्ष 2030 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
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