इंदौर। राजेंद्र नगर पुलिस की ऑनलाइन बैटिंग नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई लगातार आगे बढ़ रही है। पुलिस के शिकंजे से बच रहे आरोपियों में अब गिरफ्तारी का दबाव साफ दिखाई देने लगा है। रवि खानचंदानी की गिरफ्तारी के अगले ही दिन फरार आरोपी बंटी उर्फ किशन असरानी ने अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। दोनों को अदालत ने दो दिन की पुलिस रिमांड पर सौंपा है। आपके उपलब्ध ताजा घटनाक्रम के मुताबिक मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या अब 15 पहुंच गई है।
पुलिस के अनुसार रवि खानचंदानी कथित सट्टा नेटवर्क में मास्टर आईडी उपलब्ध कराने की भूमिका में था। वहीं बंटी असरानी पर कमीशन के आधार पर ग्राहकों को आईडी उपलब्ध कराने और नए ग्राहक जोड़ने का आरोप है। ऐसे में दोनों की पूछताछ पुलिस के लिए अहम मानी जा रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि आईडी की सप्लाई किस स्तर से होती थी, रकम का हिसाब कौन रखता था और ऑनलाइन लेन-देन किन माध्यमों से किया जाता था।
इस मामले की जांच में पहले भी कई नाम सामने आ चुके हैं। पुलिस ने डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर नेटवर्क की कड़ियां जोड़ते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अगस्त में सामने आई पुलिस जांच के मुताबिक नाना पटवारी के मोबाइल से ऑनलाइन सट्टा ऐप से जुड़े डिजिटल सुराग मिले थे और आगे की पड़ताल में कई लोगों के संपर्क सामने आए। पुलिस ने यह भी कहा था कि नेटवर्क के तार दुबई और दूसरे देशों में बैठे सट्टेबाजों तक पहुंचने की जांच चल रही है।
अब खानचंदानी और असरानी से पूछताछ में आईडी सप्लाई, ग्राहकों की सूची, कमीशन, बैंक खातों और डिजिटल लेन-देन की नई कड़ियां मिलने की उम्मीद है। असली सवाल यही है कि यह नेटवर्क कितनी गहराई तक फैला है और इसके पीछे बैठे बड़े संचालकों तक पुलिस कब पहुंचती है।

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