पश्चिम बंगाल में स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक संदिग्ध आतंकी-जासूसी और ब्लैकमेल नेटवर्क पर कार्रवाई तेज करते हुए हमीम मंडल के कथित दूसरे करीबी सहयोगी आदित्य सिंह उर्फ राज को हावड़ा से गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों का दावा है कि यह नेटवर्क नेताओं और वीआईपी व्यक्तियों की रेकी, हनीट्रैप, ब्लैकमेल और फिरौती की साजिश से जुड़ा हो सकता है।
अब तक जांच में सामने आए प्रमुख बिंदु:
मुख्य आरोपी हमीम मंडल की गिरफ्तारी के बाद उसकी कथित सहयोगी अर्पिता सरकार को भी गिरफ्तार किया गया था।
STF का दावा है कि पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आदित्य सिंह की भूमिका सामने आई, जिसके बाद उसे हिरासत में लिया गया।
जांच एजेंसियों के अनुसार, नेटवर्क का उद्देश्य कुछ राजनीतिक हस्तियों और उनके परिवारों की गतिविधियों पर नजर रखना तथा कथित रूप से हनीट्रैप और ब्लैकमेल जैसी योजनाओं को अंजाम देना था।
STF का यह भी दावा है कि हमीम मंडल के डिजिटल उपकरणों से मुख्यमंत्री की सुरक्षा और आवाजाही से जुड़ी संवेदनशील जानकारी तथा विदेशी संपर्कों के संकेत मिले हैं। इन दावों की जांच जारी है।
क्या बंगाल में जैश-ए-मोहम्मद नेटवर्क फैला रहा है?
जांच एजेंसियां इस पहलू की पड़ताल कर रही हैं। STF का कहना है कि संदिग्धों के पाकिस्तान स्थित हैंडलरों और जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े तत्वों के साथ संपर्कों के संकेत मिले हैं। हालांकि, यह जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष आना बाकी है।
सुरक्षा बढ़ाई गई
मामले के सामने आने के बाद मुख्यमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है तथा पूरे नेटवर्क के अन्य संभावित सदस्यों की तलाश जारी है।

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