नई दिल्ली। उद्योगपति के नेतृत्व वाली ने भारत के इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए इलेक्ट्रिक बस बाजार में प्रवेश किया है। कंपनी ने के महाराष्ट्र स्थित डोलवी संयंत्र से पहली 100 ‘मेड इन इंडिया’ इलेक्ट्रिक बसों का उत्पादन और प्रेषण शुरू कर दिया है।
सज्जन जिंदल ने कहा कि यह केवल एक व्यावसायिक उपलब्धि नहीं, बल्कि भारत में स्वच्छ, टिकाऊ और आत्मनिर्भर सार्वजनिक परिवहन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उनका कहना है कि भविष्य में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी देश के परिवहन तंत्र का प्रमुख आधार बनेगी।
प्रमुख बातें
डोलवी संयंत्र से पहली 100 इलेक्ट्रिक बसें तैयार कर रवाना की गईं।
सभी बसें 'मेड इन इंडिया' सिद्धांत के तहत विकसित की गई हैं।
कंपनी का लक्ष्य सार्वजनिक परिवहन में स्वच्छ ऊर्जा आधारित वाहनों को बढ़ावा देना है।
यह पहल कार्बन उत्सर्जन घटाने और हरित परिवहन को बढ़ावा देने की राष्ट्रीय रणनीति के अनुरूप मानी जा रही है।
भारत के ई-बस बाजार को मिलेगा बल
देश में केंद्र और राज्य सरकारें सार्वजनिक परिवहन के विद्युतीकरण पर जोर दे रही हैं। ऐसे में JSW Greentech की एंट्री से घरेलू इलेक्ट्रिक बस निर्माण, रोजगार, स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला और तकनीकी विकास को गति मिलने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में इलेक्ट्रिक बसों की मांग तेजी से बढ़ सकती है, क्योंकि शहर प्रदूषण कम करने और ईंधन लागत घटाने के लिए डीजल बसों की जगह इलेक्ट्रिक बसों को प्राथमिकता दे रहे हैं।

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