भारत के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बैंकों में शामिल एचडीएफसी बैंक ने अंतरराष्ट्रीय कर्ज बाजार में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। बैंक ने अपनी गिफ्ट सिटी शाखा के जरिए 1.75 अरब डॉलर जुटाए हैं। यह राशि दो हिस्सों वाली डॉलर बॉन्ड बिक्री के माध्यम से जुटाई गई है और इसे किसी भारतीय वित्तीय संस्था द्वारा अब तक का सबसे बड़ा ऋण पूंजी बाजार जुटाव बताया जा रहा है।
इस सौदे की खास बात यह है कि बैंक ने अंतरराष्ट्रीय निवेशकों से इतनी बड़ी रकम ऐसे समय में जुटाई है, जब वैश्विक बाजार में ब्याज दरों और मुद्रा जोखिम को लेकर निवेशक काफी सतर्क हैं। मजबूत मांग के चलते एचडीएफसी बैंक को वैश्विक निवेशकों का भरोसा हासिल हुआ है।
बैंक के मुताबिक जुटाई गई राशि का इस्तेमाल विदेशी मुद्रा में कर्ज देने और सामान्य बैंकिंग गतिविधियों के लिए किया जाएगा। इससे बैंक की अंतरराष्ट्रीय कारोबार क्षमता और विदेशी मुद्रा आधारित वित्तपोषण को मजबूती मिल सकती है।
इससे पहले जून 2026 में भी एचडीएफसी बैंक ने गिफ्ट सिटी स्थित अपनी इकाई के जरिए 75 करोड़ डॉलर का पांच वर्षीय डॉलर बॉन्ड जारी किया था। उस बॉन्ड पर 5.067 प्रतिशत की निश्चित ब्याज दर तय हुई थी।
18 साल के रिकॉर्ड का मतलब क्या?
इस सौदे को लेकर सामने आई रिपोर्टों में इसे भारतीय वित्तीय क्षेत्र के लिए करीब 18 साल में सबसे बड़ा विदेशी मुद्रा बॉन्ड सौदा बताया गया है। हालांकि, इसे “भारतीय वित्तीय संस्था का अब तक का सबसे बड़ा ऋण बाजार जुटाव” कहना अधिक सटीक है।
एचडीएफसी बैंक की यह सफलता भारत के गिफ्ट सिटी को वैश्विक वित्तीय केंद्र के रूप में स्थापित करने की कोशिशों के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बड़े भारतीय बैंक अब विदेशी निवेशकों से सीधे डॉलर में पूंजी जुटाने के लिए गिफ्ट सिटी का इस्तेमाल बढ़ा रहे हैं।

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