शेयर बाजार में कम समय में ज्यादा पैसा कमाने की चाहत युवाओं को वायदा और विकल्प यानी एफएंडओ कारोबार की तरफ खींच रही है। मोबाइल पर कुछ ही मिनट में ट्रेडिंग शुरू करने की सुविधा ने इस आकर्षण को और बढ़ाया है। लेकिन आंकड़े बताते हैं कि तेज कमाई का यह रास्ता ज्यादातर व्यक्तिगत कारोबारियों के लिए आसान नहीं है।
सेबी की हालिया रिपोर्टों में एफएंडओ कारोबार करने वाले व्यक्तिगत निवेशकों के मुनाफे और नुकसान का अलग-अलग अध्ययन किया गया है। सेबी की 20 अगस्त 2026 को जारी सूची में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए व्यक्तिगत कारोबारियों के कारोबार और लाभ-हानि से जुड़े नए अध्ययन भी शामिल हैं।
पिछले विस्तृत सेबी अध्ययन में वित्त वर्ष 2021-22 से 2023-24 के दौरान 93 प्रतिशत व्यक्तिगत एफएंडओ कारोबारियों को नुकसान होने की बात सामने आई थी। तीन वर्षों में इन कारोबारियों का कुल नुकसान 1.8 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा।
युवाओं के तेजी से इस बाजार में आने के पीछे सोशल मीडिया पर दिखने वाली सफल ट्रेडिंग कहानियां, आसान डिजिटल प्लेटफॉर्म और जल्दी पैसा कमाने की उम्मीद जैसे कारण हो सकते हैं। लेकिन एफएंडओ में जोखिम काफी अधिक होता है। सेबी खुद इसे ऐसा क्षेत्र बताता है जहां नुकसान की संभावना विशेष रूप से अधिक है और सावधानी जरूरी है।
सबसे बड़ी गलती तब होती है जब ट्रेडिंग को निवेश के बजाय रोजाना कमाई का साधन समझ लिया जाता है। बिना पर्याप्त जानकारी, जोखिम प्रबंधन और अनुशासन के लगातार ट्रेडिंग करने पर छोटी-सी बाजार चाल भी बड़ा नुकसान करा सकती है।
युवाओं के लिए सवाल सिर्फ यह नहीं है कि एफएंडओ से कितना कमाया जा सकता है, बल्कि यह भी है कि कितना पैसा गंवाने का जोखिम उठाया जा रहा है। बाजार में तेज मुनाफे का सपना दिखता जरूर है, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि वास्तविकता कहीं ज्यादा कठिन है।

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