तेल कंपनियों पर सरकार का बड़ा चाबुक! पेट्रोल-डीजल के एक्सपोर्ट पर बढ़ा विंडफॉल टैक्स, जानिए नया रेट

 

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स में बढ़ोतरी कर तेल कंपनियों को बड़ा झटका दिया है। नियमित समीक्षा के तहत जारी नए आदेश के अनुसार अब पेट्रोल के निर्यात पर 3.50 रुपये प्रति लीटर और डीजल के निर्यात पर 25.50 रुपये प्रति लीटर विंडफॉल टैक्स देना होगा।



सरकार समय-समय पर अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों, रिफाइनिंग मार्जिन और घरेलू ईंधन उपलब्धता को देखते हुए इस टैक्स की समीक्षा करती है। ताजा संशोधन भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा है।


विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले का सबसे अधिक असर उन रिफाइनरी कंपनियों पर पड़ेगा जो बड़े पैमाने पर पेट्रोल और डीजल का निर्यात करती हैं। बढ़े हुए टैक्स से उनके निर्यात मुनाफे पर दबाव आ सकता है, हालांकि घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों पर इसका तत्काल असर पड़ने की संभावना कम मानी जा रही है।


सरकार का कहना है कि विंडफॉल टैक्स का उद्देश्य असाधारण मुनाफे का संतुलन बनाए रखना और घरेलू ईंधन आपूर्ति को प्राथमिकता देना है। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों और रिफाइनिंग मार्जिन में बदलाव होता है, तो आगामी समीक्षा में टैक्स दरों में फिर संशोधन किया जा सकता है।


मुख्य बातें



पेट्रोल के निर्यात पर विंडफॉल टैक्स बढ़ाकर 3.50 रुपये प्रति लीटर किया गया।


डीजल के निर्यात पर अब 25.50 रुपये प्रति लीटर टैक्स लगेगा।


फैसला सरकार की नियमित कर समीक्षा प्रक्रिया के तहत लिया गया।


निर्यातक तेल कंपनियों के मुनाफे पर असर पड़ सकता है।


घरेलू पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमतों पर तत्काल प्रभाव की संभावना कम है।

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