पहलगाम आतंकी हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर बेहद स्पष्ट निर्देश दिए थे। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से जुड़े घटनाक्रम पर बात करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री का संदेश था कि हमले के जिम्मेदार लोगों का पीछा किया जाएगा, वे जमीन पर हों, आसमान में या नर्क में।
डोभाल के मुताबिक, 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद प्रधानमंत्री सऊदी अरब से लौटे और एयरपोर्ट पर ही अधिकारियों के साथ आपात बैठक की। बैठक में उनका पहला सवाल था—हमला किसने किया और इसके लिए कौन जिम्मेदार है? उन्होंने हमलावरों की पहचान तत्काल स्पष्ट करने को कहा।
डोभाल ने बताया कि खुफिया एजेंसियों ने कम समय में हमले के जिम्मेदार आतंकियों और उनके नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई। इसके बाद भारत ने 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत आतंकी ढांचे को निशाना बनाया।
डोभाल ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री जब ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जारी रहने की बात करते हैं, तो उसका अर्थ है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई अंतिम आतंकवादी के खात्मे तक जारी रहेगी। उनके मुताबिक भारत की संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा के मामले में कार्रवाई की कोई तय सीमा नहीं है।
डोभाल के इन खुलासों से साफ है कि पहलगाम हमले के बाद भारत की रणनीति केवल तत्काल जवाब तक सीमित नहीं थी, बल्कि आतंकवादी नेटवर्क को लंबे समय तक निशाना बनाने की नीति पर आधारित थी।

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