नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश में अवैध घुसपैठ को रोकने के लिए सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों को प्रभावी तथा कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से घुसपैठ के संभावित रास्तों, नेटवर्क और उन्हें मदद पहुंचाने वाले तंत्र की पहचान कर कार्रवाई तेज करने पर जोर दिया।
गृह मंत्री ने सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों के साथ समीक्षा के दौरान कहा कि घुसपैठ केवल सीमा सुरक्षा का विषय नहीं है, बल्कि इसके पीछे काम करने वाले पूरे नेटवर्क को खत्म करना जरूरी है। इसमें अवैध तरीके से देश में प्रवेश कराने वालों से लेकर फर्जी दस्तावेज तैयार करने और घुसपैठियों को ठिकाना उपलब्ध कराने वाले लोगों की भूमिका की भी जांच महत्वपूर्ण है।
एजेंसियों को राज्यों की पुलिस और अन्य संबंधित विभागों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखने को कहा गया है। सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी मजबूत करने के साथ संवेदनशील इलाकों में सूचना तंत्र को और प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
सरकार का फोकस घुसपैठ के साथ-साथ फर्जी पहचान और दस्तावेजों के इस्तेमाल पर भी है। अधिकारियों को ऐसे मामलों में तथ्यों की पुष्टि कर कानून के मुताबिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
घुसपैठ रोकने की चुनौती खास तौर पर लंबी और संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय सीमाओं वाले राज्यों में अधिक जटिल है। इसलिए केंद्र और राज्यों के बीच सूचना साझा करना तथा संयुक्त कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
गृह मंत्रालय के इस रुख से साफ है कि सरकार घुसपैठ के मामले में केवल सीमा पर निगरानी तक सीमित रहने के बजाय उससे जुड़े पूरे नेटवर्क पर कार्रवाई की रणनीति को प्राथमिकता दे रही है।

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