यूरिक एसिड बढ़ने पर कई लोगों को खासकर पैर के अंगूठे, घुटनों और दूसरे जोड़ों में तेज दर्द, सूजन और लालिमा की शिकायत हो सकती है। ऐसे में खानपान पर ध्यान देना जरूरी माना जाता है। सवाल यह है कि क्या मीट खाने से यूरिक एसिड बढ़ सकता है?
दरअसल, रेड मीट में प्यूरीन की मात्रा अपेक्षाकृत अधिक होती है। शरीर प्यूरीन को तोड़ता है, जिससे यूरिक एसिड बनता है। इसलिए बहुत ज्यादा रेड मीट खाने से कुछ लोगों में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ सकता है और जिन लोगों को पहले से गठिया यानी गाउट की समस्या है, उनमें इसके दौरे का जोखिम बढ़ सकता है।
कौन-सा नॉनवेज ज्यादा सावधानी मांगता है?
लाल मांस के अलावा अंगों का मांस जैसे कलेजी, गुर्दा आदि प्यूरीन से भरपूर होते हैं। कुछ समुद्री खाद्य पदार्थों में भी प्यूरीन अधिक पाया जाता है। इसलिए गाउट या बढ़े हुए यूरिक एसिड वाले लोगों को इनका सेवन सीमित करने की सलाह दी जाती है।
हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि हर व्यक्ति को नॉनवेज पूरी तरह छोड़ना पड़ेगा। मात्रा, पूरी डाइट, पानी का सेवन, वजन और व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति भी महत्वपूर्ण हैं।
अगर बार-बार जोड़ों में तेज दर्द या सूजन होती है तो केवल खानपान के आधार पर निष्कर्ष न निकालें। यूरिक एसिड की जांच और डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है, क्योंकि जोड़ों का दर्द कई अन्य कारणों से भी हो सकता है।

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