Top News

निखिल चौहान पर शिकंजा, धम्मू की तलाश तेज

नाना पटवारी से नजदीकी के दावे के बीच सट्टे से फार्म हाउस तक पहुंची जांच



इंदौर। ऑनलाइन सट्टे और कथित ड्रग्स नेटवर्क की जांच में निखिल चौहान का नाम सामने आने के बाद पुलिस की पड़ताल का दायरा लगातार बढ़ रहा है। निखिल को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी का करीबी बताए जाने के दावों के बीच अब जांच सट्टे के नेटवर्क से आगे बढ़कर फार्म हाउसों में होने वाली कथित पार्टियों तक पहुंच गई है। हालांकि नाना पटवारी या जीतू पटवारी की इस मामले में किसी आपराधिक भूमिका की पुष्टि पुलिस की ओर से नहीं हुई है।


राजेंद्र नगर पुलिस ने मनीष पमनानी, पिंकेश माहेश्वरी, निखिल चौहान और निलेश बागड़ी को कोर्ट में पेश किया था। चारों को 17 अगस्त तक रिमांड पर भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस मोबाइल फोन, चैट, कॉल विवरण और ऑनलाइन लेन-देन के जरिए सट्टा नेटवर्क की आर्थिक कड़ियां तलाश रही है।


फार्म हाउस तक पहुंची जांच


निखिल की चैट और डिजिटल संपर्कों की जांच में शहर के आसपास के फार्म हाउसों में होने वाली कथित पार्टियों की जानकारी सामने आने का दावा है। सूत्रों के मुताबिक इन आयोजनों में मुजरा और नशीले पदार्थों की कथित सप्लाई की भी जांच की जा रही है। निखिल के करीबी बताए जा रहे मुकेश चौहान की भूमिका भी पुलिस की जांच में बताई जा रही है।


धम्मू भाट की तलाश


निलेश बागड़ी से पूछताछ के बाद धर्मेंद्र खिच्ची उर्फ धम्मू भाट की तलाश तेज होने की बात सामने आई है। जांच में 17 से ज्यादा सटोरियों के नाम और संपर्क सामने आने का भी दावा है।


अब पुलिस के सामने मुख्य सवाल है कि गोवा से इंदौर तक सट्टे की रकम कैसे पहुंचती थी, फार्म हाउस पार्टियों का खर्च कौन उठाता था और क्या इन गतिविधियों के बीच कोई आर्थिक कड़ी थी? इन सवालों के जवाब डिजिटल साक्ष्यों और वित्तीय लेन-देन की जांच से तलाशे जा रहे हैं।

Post a Comment

Previous Post Next Post