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तीन जड़ी-बूटियों से सफेद बाल होंगे काले? दावा जानिए, सच भी समझिए

 


नई दिल्ली। सफेद बालों को दोबारा काला करने के लिए लोग अक्सर घरेलू और आयुर्वेदिक उपाय तलाशते हैं। इसी बीच आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. सलीम जैदी ने कुछ जड़ी-बूटियों के इस्तेमाल का सुझाव दिया है, जिनके बारे में दावा किया जाता है कि वे बालों की देखभाल और वृद्धि में मदद कर सकती हैं। हालांकि, यह कहना कि इनका तीन महीने इस्तेमाल करने से हर सफेद बाल निश्चित रूप से काला हो जाएगा, वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित दावा नहीं है।



ऐसे घरेलू उपायों में अक्सर आंवला, भृंगराज और करी पत्ता जैसे पौधों का उल्लेख किया जाता है। आंवला पारंपरिक रूप से बालों की देखभाल में इस्तेमाल होता रहा है। भृंगराज का भी आयुर्वेद में बालों से जुड़ी तैयारियों में प्रयोग मिलता है। करी पत्ते को भी कई घरेलू नुस्खों में शामिल किया जाता है।


लेकिन यहां एक महत्वपूर्ण अंतर समझना जरूरी है—बालों की गुणवत्ता और वृद्धि में संभावित मदद करना अलग बात है और सफेद हो चुके बालों को फिर से काला कर देना अलग। उम्र या आनुवंशिक कारणों से सफेद हुए बालों को प्राकृतिक रूप से स्थायी रूप से काला करने के इन उपायों के पक्ष में मजबूत चिकित्सकीय प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं।


यदि कम उम्र में तेजी से बाल सफेद हो रहे हों, बाल असामान्य रूप से झड़ रहे हों या सिर की त्वचा में खुजली, लालिमा अथवा घाव हों तो त्वचा रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है। पोषण की कमी या अन्य कारणों की जांच भी जरूरत के अनुसार की जा सकती है।


निष्कर्ष: आंवला, भृंगराज या करी पत्ता बालों की देखभाल का हिस्सा हो सकते हैं, लेकिन इन्हें सफेद बालों को निश्चित रूप से काला करने की गारंटी के रूप में इस्तेमाल करना उचित नहीं है।

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