नई दिल्ली। मानसून में उमस और नमी के कारण त्वचा तैलीय, चिपचिपी या संवेदनशील हो सकती है। ऐसे में कई लोग घरेलू नुस्खों की ओर रुख करते हैं। चावल का पानी भी ऐसा ही एक उपाय है, जिसका इस्तेमाल त्वचा की देखभाल के लिए किया जाता है। हालांकि इसे किसी चिकित्सकीय उपचार का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।
चावल का पानी बनाने के लिए पहले चावल को साफ पानी से अच्छी तरह धो लें। इसके बाद चावल को साफ पानी में करीब 20 से 30 मिनट भिगोकर रखें और पानी को छान लें। इसे चेहरे पर लगाने से पहले त्वचा को हल्के फेसवॉश से साफ करना बेहतर है।
रूई या साफ हाथों की मदद से चावल का पानी चेहरे पर हल्के हाथों से लगाया जा सकता है। इसे करीब 10 से 15 मिनट तक छोड़ने के बाद सामान्य पानी से चेहरा धो लें। शुरुआत में सप्ताह में दो-तीन बार इस्तेमाल करना पर्याप्त हो सकता है।
सबसे जरूरी बात है स्वच्छता और भंडारण। घर पर तैयार चावल का पानी जल्दी खराब हो सकता है। इसे साफ, ढक्कन वाले पात्र में रखकर फ्रिज में रखें और लंबे समय तक इस्तेमाल करने के बजाय थोड़ी मात्रा में ताजा बनाना बेहतर है। बदबू, रंग या बनावट में बदलाव दिखाई दे तो इसे चेहरे पर बिल्कुल न लगाएं।
संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को पहले हाथ या कान के पीछे थोड़ी मात्रा लगाकर परीक्षण करना चाहिए। जलन, लालिमा, खुजली या सूजन होने पर तुरंत धो दें और दोबारा इस्तेमाल न करें।
याद रखें: चावल का पानी त्वचा को ठंडक या अस्थायी ताजगी का एहसास दे सकता है, लेकिन मुंहासे, एलर्जी या किसी त्वचा रोग के इलाज के लिए केवल घरेलू नुस्खे पर निर्भर रहना उचित नहीं है।
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