आय से अधिक संपत्ति, दवा खरीदी में कथित गड़बड़ी और करोड़ों की संपत्ति की जांच
प्रणव बजाज
इंदौर के एमवाय अस्पताल में पदस्थ फार्मासिस्ट राकेश गोरखे के ठिकानों पर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने छापेमारी की है। प्रारंभिक जांच में उनकी ज्ञात आय की तुलना में लगभग 108 से 110 प्रतिशत अधिक संपत्ति होने का दावा किया गया है। जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष ईओडब्ल्यू की विवेचना के बाद ही सामने आएंगे।
जांच में अब तक क्या सामने आया
सेवा अवधि की कुल वैध आय लगभग 1.11 करोड़ रुपये बताई गई।
अब तक मिली संपत्तियों का मूल्य करीब 2.13 करोड़ रुपये से अधिक बताया गया।
शिकायत में सरकारी दवाओं के स्टॉक और खरीदी में कथित अनियमितताओं के आरोपों की भी जांच की जा रही है। इन आरोपों की पुष्टि अभी जांच के बाद ही होगी।
ईओडब्ल्यू को मिलीं ये संपत्तियां
वृंदावन गार्डन में तीन मंजिला मकान।
संघवी रेसिडेंसी में प्लॉट।
सद्गुरु नंदी विहार में प्लॉट।
साकार एनआरआई सिटी में प्लॉट।
साहिल इंद्रांचल होम्स में प्लॉट।
ओमेक्स परियोजना में प्लॉट बुकिंग के दस्तावेज।
बैंक रिकॉर्ड, संपत्ति संबंधी दस्तावेज और अन्य वित्तीय अभिलेख।
विदेश यात्रा भी जांच के दायरे में
जांच एजेंसी के अनुसार पासपोर्ट की जांच में थाईलैंड यात्रा के दस्तावेज मिले हैं। रिपोर्टों के अनुसार इस यात्रा के लिए विभागीय अनुमति नहीं लेने का भी परीक्षण किया जा रहा है।
पहले भी रहे हैं विवादों में
राकेश गोरखे का नाम पहले एमजीएम मेडिकल कॉलेज में मारपीट के एक चर्चित मामले में भी सामने आया था। विभागीय जांच के बाद उनकी सेवाएं समाप्त किए जाने की खबरें पहले प्रकाशित हो चुकी हैं।
अब जांच के बड़े सवाल
दवा खरीदी और स्टॉक प्रबंधन में कथित अनियमितताओं की जिम्मेदारी किस स्तर तक जाती है?
क्या संपत्तियां केवल राकेश गोरखे के नाम पर हैं या अन्य लोगों के नाम से भी निवेश हुआ?
क्या अन्य अधिकारियों या कर्मचारियों की भूमिका भी सामने आएगी?
ईओडब्ल्यू की विस्तृत जांच के बाद क्या अभियोजन की कार्रवाई होगी?
नोट: यह मामला अभी जांचाधीन है। आय से अधिक संपत्ति और अन्य आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायिक एवं जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही माना जाएगा।

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