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नाखून का आधा चांद क्या बताता है? हार्ट और किडनी की सेहत का संकेत या सिर्फ भ्रम

 

हाथों के नाखूनों के निचले हिस्से में दिखाई देने वाला सफेद आधा चांद, जिसे चिकित्सा भाषा में लुनुला (Lunula) कहा जाता है, लंबे समय से लोगों की जिज्ञासा का विषय रहा है। कई लोग इसे भाग्य, धन या बीमारी का संकेत मानते हैं, लेकिन चिकित्सा विज्ञान की राय इससे अलग है।


विशेषज्ञों के अनुसार, लुनुला नाखून के बढ़ने वाले हिस्से का सामान्य भाग है। इसका आकार और दिखाई देना व्यक्ति की उम्र, आनुवंशिक बनावट और नाखून की संरचना पर निर्भर करता है। सभी लोगों में यह समान रूप से दिखाई दे, यह जरूरी नहीं है।

हालांकि कुछ मामलों में लुनुला के आकार या रंग में अचानक बदलाव शरीर में किसी बीमारी का संकेत हो सकता है। यदि सभी नाखूनों से लुनुला अचानक गायब हो जाए, उसका रंग नीला, लाल या काला दिखाई देने लगे, या नाखूनों के साथ सूजन, कमजोरी या अन्य लक्षण भी हों, तो यह एनीमिया, किडनी रोग, हृदय संबंधी समस्या, थायरॉयड विकार या रक्त संचार की गड़बड़ी जैसी स्थितियों से जुड़ा हो सकता है। लेकिन केवल लुनुला के आधार पर किसी बीमारी का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।

हृदय और किडनी की बीमारियों की पहचान के लिए डॉक्टर रक्त जांच, रक्तचाप, ईसीजी, इको, क्रिएटिनिन, यूरिन जांच और अन्य चिकित्सीय परीक्षणों को अधिक विश्वसनीय मानते हैं। इसलिए नाखून का आधा चांद बीमारी का निश्चित प्रमाण नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर आगे की जांच का एक संकेत भर हो सकता है।

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि यदि नाखूनों में अचानक बदलाव के साथ सांस फूलना, पैरों में सूजन, लगातार थकान, सीने में दर्द या पेशाब से जुड़ी परेशानी भी हो, तो स्वयं निष्कर्ष निकालने के बजाय तुरंत चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।

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