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देर रात खाना बढ़ा सकता है ब्लड शुगर, डायबिटीज में रखें इन बातों का ध्यान

 

डायबिटीज में केवल क्या खा रहे हैं, यह ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि कब खा रहे हैं, इसका भी ब्लड शुगर पर असर पड़ सकता है। शरीर की इंसुलिन संवेदनशीलता और ग्लूकोज को संभालने की क्षमता दिन के अलग-अलग समय में बदलती रहती है। शोध बताते हैं कि शाम और रात में देर से भोजन करने पर भोजन के बाद ब्लड शुगर बढ़ने की संभावना अधिक हो सकती है। 



टाइप-2 डायबिटीज वाले लोगों पर हुए एक छोटे नियंत्रित अध्ययन में रात 9 बजे खाना खाने पर शाम 6 बजे की तुलना में भोजन के बाद ग्लूकोज और इंसुलिन का स्तर अधिक बढ़ा। वहीं मुंबई में किए गए एक छोटे अध्ययन में देर रात 10 बजे के बाद भोजन करने वालों का रात का भोजन 8 बजे से पहले करने पर औसत ग्लूकोज, रात में ग्लूकोज के उतार-चढ़ाव और फास्टिंग ग्लूकोज में सुधार देखा गया। 


ऐसा क्यों होता है?


रात में शरीर की इंसुलिन संवेदनशीलता कम हो सकती है। इसके अलावा देर रात भोजन करने से शरीर की प्राकृतिक जैविक घड़ी और भोजन के समय के बीच तालमेल बिगड़ सकता है। खासकर कार्बोहाइड्रेट से भरपूर भोजन देर रात लेने पर ब्लड शुगर लंबे समय तक बढ़ा रह सकता है। 


डायबिटीज के मरीज क्या ध्यान रखें?



संभव हो तो रात का भोजन रोज लगभग एक ही समय पर करें।


बहुत देर रात भारी भोजन करने से बचें।


रात के खाने में मात्रा और कार्बोहाइड्रेट का ध्यान रखें।


भोजन के बाद हल्की गतिविधि, जैसे थोड़ी देर चलना, उपयोगी हो सकता है।


रात में बार-बार स्नैकिंग की आदत से बचें।


डॉक्टर द्वारा बताए अनुसार भोजन के बाद और सुबह ब्लड शुगर की निगरानी करें।


इंसुलिन या दवा की मात्रा खुद से न बदलें।




अगर रात का खाना समय पर लेने के बावजूद सुबह ब्लड शुगर लगातार ज्यादा आ रहा है, तो इसे केवल देर से खाने की वजह न मानें। दवा का असर, रात में शुगर का बढ़ना या डॉन फिनोमेनन जैसी दूसरी वजहें भी हो सकती हैं। 


ध्यान रखें: हर व्यक्ति के लिए एक ही “कटऑफ टाइम” सही नहीं होता। भोजन का समय, मात्रा, दवाएं, सोने का समय और व्यक्तिगत शुगर पैटर्न—सभी को साथ देखकर निर्णय लेना बेहतर है।

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