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लखनऊ में आज सियासी शक्ति प्रदर्शन, भाजपा-सपा-बसपा की अलग-अलग बैठकें; जयंत ने भी फूंका चुनावी बिगुल

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज हो गई हैं। राजधानी लखनऊ में आज भाजपा, सपा और बसपा की अलग-अलग अहम बैठकें होने जा रही हैं। तीनों दलों का फोकस संगठन को मजबूत करने और चुनावी रणनीति को जमीन तक पहुंचाने पर है।



भाजपा की प्रदेश स्तरीय कार्यशाला इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में होगी, जिसमें करीब 700 पदाधिकारियों के शामिल होने की संभावना है। सभी प्रदेश पदाधिकारी, जिलाध्यक्ष, मोर्चों के अध्यक्ष और हर जिले से पांच पदाधिकारियों को बुलाया गया है। इसके अलावा प्रत्येक जिले से एक विधायक या सांसद भी कार्यशाला में हिस्सा लेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे।


उधर, समाजवादी पार्टी की बैठक में जिला और महानगर अध्यक्षों के साथ मतदाता सूची से जुड़े काम की समीक्षा होगी। पार्टी ने विधानसभा क्षेत्रों से ऐसे पदाधिकारियों को भी बुलाया है, जिन्हें मतदाता सूची और फार्म-6 से जुड़े काम की जानकारी है।


बसपा प्रमुख मायावती ने भी प्रदेश के सभी 75 जिलाध्यक्षों को बैठक के लिए बुलाया है। इसमें संगठन को मजबूत करने, आर्थिक स्थिति सुधारने और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर चर्चा होगी।


वहीं, राष्ट्रीय लोकदल प्रमुख जयंत चौधरी ने रविवार को लखनऊ में शक्ति प्रदर्शन करते हुए 2027 के लिए पार्टी के विस्तार का संकेत दिया। उनका फोकस पश्चिमी उत्तर प्रदेश से आगे अवध और पूर्वांचल में संगठन मजबूत करने पर है। उन्होंने ब्राह्मण समाज में पार्टी की सक्रियता बढ़ाने के भी संकेत दिए।


इसी बीच भाजपा के नवनियुक्त राष्ट्रीय महामंत्री हरीश द्विवेदी ने लखनऊ पहुंचकर विपक्ष, खासकर अखिलेश यादव और राहुल गांधी पर निशाना साधा। ऐसे में लखनऊ की आज की बैठकों को 2027 के चुनावी मुकाबले से पहले उत्तर प्रदेश में शुरू हो चुके बड़े राजनीतिक अभियान की अहम कड़ी माना जा रहा है।

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