गांधीनगर। बौद्धिक प्रतिकार
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र की ग्रामीण लाइब्रेरियों को आपस में जोड़ने वाले ‘ग्रामीण ज्ञान सेतु’ ऐप का शुभारंभ किया। राष्ट्रीय पुस्तकालय दिवस के अवसर पर शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य गांवों के बच्चों और युवाओं को स्थानीय स्तर पर पुस्तकों और ज्ञान के बड़े संसाधन उपलब्ध कराना है।
अभी तक इस नेटवर्क से 752 पुस्तकालय जुड़ चुके हैं। इसके अलावा करीब 2.80 लाख पुस्तकों के संग्रह वाले चार बड़े पुस्तकालयों को ग्रामीण पुस्तकालयों से जोड़ा गया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के पाठकों को अलग-अलग पुस्तकालयों में उपलब्ध पुस्तकों की जानकारी और व्यापक पठन सामग्री तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है।
शाह ने कहा कि बचपन से किशोरावस्था और फिर युवा से जिम्मेदार नागरिक बनने की यात्रा में पुस्तकालयों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने अपने अनुभव का उल्लेख करते हुए कहा कि माणसा के महात्मा गांधी पुस्तकालय से उन्हें वर्षों तक विभिन्न विषयों का ज्ञान हासिल करने में मदद मिली। बाद में गुजरात विद्यापीठ के पुस्तकालय ने भी उनके अध्ययन को विस्तार दिया।
उन्होंने अभिभावकों से बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित करने के लिए उन्हें प्रोत्साहित करने की अपील की। शाह के अनुसार, योग्य ग्रंथपाल यदि बच्चों को सही पुस्तकों और विषयों के बारे में मार्गदर्शन दें तो पुस्तकालय केवल किताबें रखने की जगह नहीं, बल्कि सक्षम और जिम्मेदार नागरिक तैयार करने का माध्यम बन सकते हैं।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने भी इस पहल को गांवों तक ज्ञान पहुंचाने और तकनीक को शिक्षा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

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