नई दिल्ली। वैश्विक व्यापार में तेजी से बदलते समीकरणों के बीच भारत छह प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के साथ आर्थिक और व्यापारिक रिश्ते मजबूत करने की तैयारी में है। अमेरिका, कनाडा, जापान, ब्राजील, अर्जेंटीना और चिली के साथ व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग बढ़ाने के लिए अगले कुछ हफ्तों में उच्चस्तरीय संपर्क अभियान चलाया जाएगा।
इस अभियान में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल की अहम भूमिका होगी। तीनों अलग-अलग देशों में जाकर व्यापारिक संभावनाओं, निवेश और बाजार पहुंच से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
अमेरिका के साथ व्यापार संबंध भारत के लिए सबसे महत्वपूर्ण मोर्चों में शामिल हैं। वहीं कनाडा के साथ आर्थिक रिश्तों को नई गति देना भी सरकार की प्राथमिकता है। जापान के साथ भारत पहले से ही रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी को मजबूत कर रहा है। ऐसे में निवेश, विनिर्माण और तकनीकी सहयोग पर बातचीत को आगे बढ़ाया जा सकता है।
दक्षिण अमेरिका में ब्राजील, अर्जेंटीना और चिली भारत के लिए नए बाजार और निवेश अवसर उपलब्ध करा सकते हैं। इन देशों के साथ कृषि, खनिज, ऊर्जा, उद्योग और व्यापार के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की संभावनाएं हैं।
सरकार की कोशिश केवल निर्यात बढ़ाने तक सीमित नहीं है। विदेशी निवेश आकर्षित करना, भारतीय कंपनियों के लिए नए बाजार खोलना और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भारत की हिस्सेदारी बढ़ाना भी इस रणनीति का हिस्सा है।
छह देशों के साथ प्रस्तावित आर्थिक संपर्क को भारत की उस व्यापक रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है, जिसमें बदलती वैश्विक व्यापार व्यवस्था के बीच देश अपने लिए नए बाजार, निवेश और साझेदार तलाश रहा है।

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