नई दिल्ली। भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर शुरू हुई पहली ‘सूर्यपथ तिरंगा वैश्विक रिले’ ने फिजी से सैन फ्रांसिस्को तक अपनी यात्रा पूरी कर ली। पूर्व से पश्चिम की ओर बढ़ी इस अनूठी पहल में 54 देशों और कई समय क्षेत्रों में स्थित भारतीय दूतावासों तथा मिशनों ने हिस्सा लिया।
अभियान की शुरुआत फिजी की राजधानी सुवा स्थित भारतीय उच्चायोग से हुई। इसके बाद सूर्य के उगने की दिशा का प्रतीकात्मक अनुसरण करते हुए अलग-अलग देशों में भारतीय मिशनों ने क्रमशः तिरंगा फहराया और उसकी तस्वीरों को डिजिटल माध्यम से अगले मिशन तक पहुंचाया। इस तरह तिरंगे की यात्रा कई समय क्षेत्रों से होकर आगे बढ़ती रही।
रिले का अंतिम पड़ाव अमेरिका का सैन फ्रांसिस्को स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास रहा, जहां तिरंगा फहराकर अभियान का समापन किया गया। पूरी पहल ‘हर घर तिरंगा’ अभियान का हिस्सा थी और इसका उद्देश्य विदेशों में रहने वाले भारतीय समुदाय को स्वतंत्रता दिवस के वैश्विक उत्सव से जोड़ना था।
इस आयोजन की एक और खासियत रही कि कई स्थानों पर भारतीय समुदाय और स्थानीय लोगों ने भी कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। इस दौरान देशभक्ति गीतों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए भारत की स्वतंत्रता और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया गया। अभियान के साथ ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने का अवसर भी जोड़ा गया।
**फिजी से शुरू हुआ तिरंगे का सफर सैन फ्रांसिस्को पहुंचकर थमा, लेकिन दुनिया भर में बसे भारतीयों के लिए यह यात्रा देश से जुड़ाव का संदेश छोड़ गई।**

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