सरकारी कार्यक्रमों में तमिल वंदना अनिवार्य, तमिलनाडु विधानसभा में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित

 


मुख्यमंत्री विजय के प्रस्ताव को प्रमुख दलों का समर्थन, शैक्षणिक संस्थानों और सरकारी कार्यक्रमों में भी लागू होगा निर्णय


चेन्नई। तमिलनाडु विधानसभा ने सोमवार, 10 अगस्त 2026 को राज्य के सभी सरकारी कार्यक्रमों की शुरुआत में ‘तमिल ताई वाज्थु’ का गायन अनिवार्य करने वाला प्रस्ताव पारित कर दिया। प्रस्ताव के अनुसार सरकारी कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों, सार्वजनिक उपक्रमों और अन्य सार्वजनिक संस्थानों में आयोजित आधिकारिक कार्यक्रमों में राज्य गीत को प्रमुख स्थान दिया जाएगा।



यह प्रस्ताव मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने विधानसभा में रखा। प्रस्ताव को सत्तारूढ़ दल के साथ-साथ द्रमुक और अन्नाद्रमुक सहित प्रमुख राजनीतिक दलों का समर्थन मिला।


भाषा और सांस्कृतिक पहचान पर जोर


सरकार ने इस निर्णय को तमिल भाषा और तमिल संस्कृति के सम्मान से जोड़ते हुए कहा है कि राज्य गीत को सरकारी कार्यक्रमों में अनिवार्य रूप से शामिल करने से तमिल पहचान और भाषा के प्रति सम्मान को संस्थागत रूप मिलेगा।


प्रस्ताव में विशेष रूप से यह व्यवस्था की गई है कि ‘तमिल ताई वाज्थु’ कार्यक्रम की शुरुआत में गाया जाए।


राष्ट्रीय गीत को लेकर पृष्ठभूमि में विवाद


यह निर्णय ऐसे समय आया है जब सरकारी कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम्’ और राष्ट्रगान के क्रम को लेकर देश में राजनीतिक बहस चल रही है। तमिलनाडु में भी हाल के महीनों में राज्य गीत के कार्यक्रमों में स्थान और क्रम को लेकर विवाद सामने आया था।


तमिलनाडु विधानसभा के इस फैसले को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि भाषा और राज्य की सांस्कृतिक पहचान का मुद्दा वहां लंबे समय से राजनीति के केंद्र में रहा है।

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