फिल्म देखते समय हाथ में पॉपकॉर्न की बाल्टी होना आम बात है। लेकिन पॉपकॉर्न को अक्सर जंक फूड समझ लिया जाता है। वास्तव में सादा, बिना ज्यादा तेल और नमक वाला पॉपकॉर्न साबुत अनाज से बना खाद्य पदार्थ है और इसमें फाइबर भी पाया जाता है। इसकी पौष्टिकता काफी हद तक इस बात पर निर्भर करती है कि इसे कैसे तैयार किया गया है।
पॉपकॉर्न में मौजूद फाइबर पाचन तंत्र के लिए उपयोगी हो सकता है और पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराने में मदद कर सकता है। इसी वजह से बिना अतिरिक्त मक्खन, चीनी या ज्यादा नमक वाला पॉपकॉर्न हल्के नाश्ते का विकल्प बन सकता है।
इसमें कुछ मात्रा में पॉलीफेनॉल जैसे पौधों से मिलने वाले यौगिक भी पाए जाते हैं। हालांकि, इसे किसी चमत्कारी स्वास्थ्यवर्धक भोजन के तौर पर देखना सही नहीं होगा। संतुलित आहार में इसकी भूमिका एक साधारण साबुत अनाज वाले नाश्ते की हो सकती है।
सबसे जरूरी है पॉपकॉर्न की तैयारी का तरीका। घर पर थोड़े तेल में बनाए गए पॉपकॉर्न को प्राथमिकता दें। ज्यादा मक्खन, नमक, चीनी, कैरामेल और स्वाद बढ़ाने वाले पदार्थ मिलाने से इसकी कैलोरी और सोडियम की मात्रा काफी बढ़ सकती है।
बाजार या सिनेमा में मिलने वाले फ्लेवर्ड पॉपकॉर्न में अतिरिक्त वसा, नमक और कैलोरी हो सकती है। इसलिए अगर पॉपकॉर्न खाना पसंद है तो इसे सादा या हल्के मसालों के साथ खाएं।
यानी पॉपकॉर्न अपने आप में जंक फूड नहीं है—उसकी गुणवत्ता इस बात पर निर्भर करती है कि उसे कितना और किस तरीके से तैयार करके खाया जा रहा है।

Post a Comment