जबलपुर/कटनी। कटनी की नगर पुलिस अधीक्षक नेहा पच्चीसिया की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। विभागीय जांच और प्रशासनिक कार्रवाई के बीच तीन थानों का प्रभार वापस लिए जाने के कटनी एसपी के आदेश को चुनौती देने वाली उनकी याचिका मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने खारिज कर दी। न्यायमूर्ति विवेक कुमार सिंह की अदालत ने पुलिस विभाग के प्रशासनिक निर्णय में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।
मामला याचिका क्रमांक 32807/2026 से जुड़ा है। पच्चीसिया ने संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत याचिका दायर कर कटनी एसपी के 16 सितंबर 2025 और 22 जुलाई 2026 के आदेशों को चुनौती दी थी। उनका तर्क था कि उनके कार्यक्षेत्र और जिम्मेदारियां कम करने के पीछे पर्याप्त आधार नहीं बताया गया।
तीन थानों का प्रभार छीना गया था
कटनी एसपी अभिनय विश्वकर्मा ने कार्रवाई के बाद सीएसपी नेहा पच्चीसिया से कुठला, माधवनगर और रंगनाथ नगर थानों का प्रभार वापस ले लिया था। इन थानों की जिम्मेदारी अजाक डीएसपी शिवा पाठक को दी गई।
यह कार्रवाई एक ट्रांसपोर्ट कारोबारी की शिकायत के बाद चर्चा में आई थी। शिकायत में वाहन जांच के दौरान कथित तौर पर 30 हजार रुपये मांगने का आरोप लगाया गया था। शिकायत के बाद सीएसपी के चालक आरक्षक केशव सिंह को निलंबित किया गया और मामले की जांच शुरू की गई। इन आरोपों की अभी जांच चल रही है और उनकी पुष्टि होना बाकी है।
एक और मामले की जांच भी जारी
सीएसपी से जुड़े एक अन्य मामले में हत्या के प्रकरण में समय पर चालान पेश नहीं होने और आरोपी को डिफॉल्ट जमानत मिलने को लेकर भी विभागीय जांच चल रही है। इन मामलों की उच्चस्तरीय प्रारंभिक जांच जबलपुर की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनु बेनीवाल को सौंपी गई है।
हाईकोर्ट के फैसले का मतलब
हाईकोर्ट ने फिलहाल एसपी के प्रशासनिक आदेश को बदलने से इनकार कर दिया है। यानी तीनों थानों का प्रभार वापस लेने का फैसला प्रभावी रहेगा। अदालत ने विभागीय जांच में आरोप सही हैं या गलत, इस पर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है।
इस मामले में अगली तस्वीर विभागीय जांच की रिपोर्ट और हाईकोर्ट के विस्तृत आदेश से साफ होगी। फिलहाल इतना जरूर है कि प्रशासनिक फैसले को चुनौती देने की कोशिश में सीएसपी को अदालत से राहत नहीं मिली।

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