डिजिटल माध्यमों पर अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री के प्रसार को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। सरकार ने बताया है कि पिछले दो वर्षों में सूचना प्रौद्योगिकी कानून और अन्य प्रासंगिक नियमों का उल्लंघन करने वाले 50 ओटीटी मंचों को भारत में अवरुद्ध कर दिया गया है।
सरकारी जानकारी के अनुसार, इन मंचों पर अश्लील, अभद्र और कानून का उल्लंघन करने वाली सामग्री प्रसारित किए जाने की शिकायतें मिली थीं। जांच के बाद संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई करते हुए इन मंचों तक पहुंच पर रोक लगाई गई।
सरकार का कहना है कि डिजिटल मंचों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ-साथ भारतीय कानूनों और सामाजिक मर्यादाओं का भी पालन करना होगा। सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और डिजिटल मीडिया से जुड़े नियमों के उल्लंघन पर भविष्य में भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल मनोरंजन उद्योग के तेजी से विस्तार के बीच सामग्री की जवाबदेही और नियामकीय अनुपालन सुनिश्चित करना आवश्यक है। वहीं सरकार ने नागरिकों, विशेषकर बच्चों और किशोरों को सुरक्षित डिजिटल वातावरण उपलब्ध कराने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
सरकार ने डिजिटल मंच संचालकों से स्पष्ट किया है कि वे भारतीय कानूनों का पूर्ण पालन करें तथा आपत्तिजनक और अवैध सामग्री के प्रसार को रोकने के लिए प्रभावी तंत्र विकसित करें। उल्लंघन की स्थिति में संबंधित मंचों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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