आजादी के दिन बच्चों का 40 किमी मार्च, सवाल—गांव तक आजादी कब पहुंचेगी?

छतरपुर। देश 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा था, तिरंगे फहराए जा रहे थे और देशभर में आजादी का उत्सव था। इसी दिन मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के टटम गांव के बच्चे और ग्रामीण सड़क, पुल और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं की मांग लेकर करीब 40 किलोमीटर पैदल छतरपुर कलेक्टर से मिलने निकल पड़े। 



ग्रामीणों का आरोप है कि बारिश के दिनों में बच्चों को स्कूल जाने के लिए नाला पार करना पड़ता है। पानी बढ़ने पर रास्ता इतना जोखिम भरा हो जाता है कि बच्चों को पानी के बीच से गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों ने दावा किया कि पिछले वर्ष नाला पार करते समय एक छात्रा की डूबने से मौत भी हुई थी। इसके बावजूद सुरक्षित रास्ते या पुल की व्यवस्था नहीं होने से नाराजगी बढ़ती गई। 


शनिवार सुबह ग्रामीणों ने गांव में धरना दिया। जब अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौके पर नहीं पहुंचे तो उन्होंने खुद जिला मुख्यालय जाने का फैसला किया। बच्चे, महिलाएं और युवा पैदल निकल पड़े। करीब 15 किलोमीटर चलने के बाद महाराजपुर में अधिकारियों ने उन्हें रोककर समझाने का प्रयास किया। ग्रामीणों ने विधायक से सीधे बात कराने की मांग भी रखी। 


ग्रामीणों की तीन प्रमुख मांगें हैं—मढ़ापुरवा से टटम तक सड़क, टपरन पुरवा से टटम तक पुल और टटम के वार्ड 20 में बिजली। 


विडंबना देखिए—जिस दिन देश आजादी का जश्न मना रहा था, उसी दिन बच्चे सड़क, पुल और बिजली के लिए 40 किलोमीटर चल रहे थे।


सवाल सरकार से है: **तिरंगा हर गांव पहुंच गया, फिर विकास क्यों नहीं?**

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