ओरछा। रामराजा सरकार की नगरी ओरछा में रविवार से भाजपा की दो दिवसीय प्रदेश कार्यसमिति बैठक शुरू हो गई। करीब 350 से अधिक वरिष्ठ नेता और प्रतिनिधि इस महामंथन में शामिल हैं। बैठक को मध्य प्रदेश में भाजपा के आगामी राजनीतिक और चुनावी अभियान की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण आयोजन माना जा रहा है।
बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और ज्योतिरादित्य सिंधिया समेत पार्टी के कई बड़े नेता मौजूद हैं। प्रदेश संगठन के पदाधिकारी, मंत्री, विधायक और विभिन्न स्तरों के प्रतिनिधि संगठन की मजबूती तथा आने वाले चुनावों की तैयारियों पर मंथन कर रहे हैं।
भाजपा का मुख्य जोर बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियां तय करने और आगामी विधानसभा व लोकसभा चुनावों के लिए रणनीति बनाने पर है। सूत्रों के मुताबिक, मिशन-2028 के साथ संगठनात्मक एकजुटता और राजनीतिक चुनौतियों से निपटने की कार्ययोजना इस बैठक के प्रमुख मुद्दों में शामिल है।
करीब 14 साल बाद ओरछा में हो रही प्रदेश कार्यसमिति को भाजपा के लिए केवल औपचारिक बैठक नहीं, बल्कि भविष्य की चुनावी जमीन तैयार करने वाले महामंथन के रूप में देखा जा रहा है।
सवाल यही है—ओरछा से निकला यह राजनीतिक रोडमैप क्या 2028 की सत्ता की लड़ाई में भाजपा की अगली बड़ी रणनीति साबित होगा?

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