प्रयागराज में गंगा और यमुना के बढ़ते जलस्तर ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। रविवार से दोनों नदियों के पानी में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई। फाफामऊ में गंगा का जलस्तर शाम चार बजे 81.96 मीटर से बढ़कर रात आठ बजे 82.16 मीटर पहुंच गया। वहीं नैनी में यमुना 81.53 मीटर से बढ़कर 82.02 मीटर पर पहुंच गई।
जलस्तर बढ़ने से संगम और आसपास के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। बड़े हनुमान मंदिर परिसर तक गंगा का पानी पहुंच चुका है। तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के साथ बचाव दलों को भी तैयार रखा है।
हालात इसलिए भी गंभीर हैं क्योंकि प्रयागराज में पिछले दिनों गंगा-यमुना का जलस्तर घटने लगा था, लेकिन अब दोनों नदियों ने दोबारा रफ्तार पकड़ ली है। टोंस नदी में बढ़ते पानी का असर भी आसपास के कछारी इलाकों में दिखाई देने लगा है और कुछ परिवार सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे हैं।
हालांकि प्रयागराज में गंगा-यमुना का खतरे का निशान 84.734 मीटर बताया गया है और मौजूदा जलस्तर उससे नीचे है, लेकिन लगातार बढ़ोतरी ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।
अधिकारियों की नजर जलस्तर की हर घंटे की स्थिति पर है। यदि पानी इसी गति से बढ़ता रहा तो निचले इलाकों में परेशानी और बढ़ सकती है। ऐसे में नदी किनारे रहने वाले लोगों को प्रशासन की चेतावनियों का पालन करने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की तैयारी रखने की सलाह दी गई है।

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