नई दिल्ली। न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन के बाहर भारतीय तिरंगे के कथित अपमान को लेकर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि आरएसएस, भाजपा या सरकार की आलोचना करने की पूरी आजादी है, लेकिन देश और राष्ट्रीय ध्वज का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
रिजिजू ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर प्रदर्शन का एक कथित वीडियो साझा किया। इसमें एक प्रदर्शनकारी भारतीय ध्वज के साथ आपत्तिजनक व्यवहार करता दिखाई दे रहा है। वीडियो में कुछ अन्य प्रदर्शनकारियों द्वारा खालिस्तान समर्थक नारे लगाए जाने का भी दावा किया गया है। यह प्रदर्शन उस समय हुआ, जब आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत मैडिसन स्क्वायर गार्डन में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
रिजिजू ने अपने संदेश में कहा कि राजनीतिक संगठनों और सरकार की आलोचना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन राष्ट्र और तिरंगे का अपमान अलग बात है। उन्होंने बेहद सख्त लहजे में कहा कि “हमारे झंडे और मेरे देश का अपमान मत करो, इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।”
इस घटना ने विदेश में भारत विरोधी प्रदर्शनों और राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान को लेकर नई बहस छेड़ दी है। वहीं, भागवत के कार्यक्रम के विरोध में कई प्रदर्शनकारी संगठन पहले से ही सक्रिय थे। ऐसे में तिरंगे से जुड़ी इस घटना ने राजनीतिक विवाद को और तीखा कर दिया है।
रिजिजू का बयान साफ संकेत देता है कि विदेश में भारत की राजनीतिक नीतियों या किसी संगठन की आलोचना को लेकर असहमति स्वीकार्य हो सकती है, लेकिन राष्ट्रीय ध्वज और देश के अपमान को लेकर सरकार का रुख बेहद सख्त है।

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