नई दिल्ली। विदेशी अंशदान विनियमन कानून (एफसीआरए) से जुड़े विधेयक पर संसद में 12 अगस्त से चर्चा होने की संभावना है। सरकार के अनुसार, फिलहाल विधेयक के मूल मसौदे में किसी नए संशोधन का प्रस्ताव नहीं है और इसे चर्चा तथा पारित कराने के लिए सदन में पेश किया जा सकता है।
इस बीच, प्रस्तावित विधेयक को लेकर ईसाई समुदाय के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय गृह मंत्री से मुलाकात की। बैठक के दौरान धर्मगुरुओं ने विधेयक से जुड़े विभिन्न मुद्दों और अपनी चिंताओं से उन्हें अवगत कराया।
सरकारी सूत्रों का कहना है कि वर्तमान मसौदे में कोई नया बदलाव प्रस्तावित नहीं है। हालांकि, संसद में चर्चा के दौरान सभी पक्षों को अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा।
एफसीआरए कानून के तहत भारत में विदेशी स्रोतों से मिलने वाले चंदे और उसके उपयोग को विनियमित किया जाता है। यह कानून उन संस्थाओं और संगठनों पर लागू होता है जो विदेश से आर्थिक सहायता प्राप्त करते हैं।
अब सबकी नजर 12 अगस्त से शुरू होने वाली संसदीय चर्चा पर है, जहां विधेयक को लेकर सरकार और विपक्ष के साथ-साथ विभिन्न हितधारकों के विचार भी सामने आ सकते हैं।

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