विटामिन बी12 शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण, तंत्रिका तंत्र और डीएनए के निर्माण के लिए जरूरी पोषक तत्व है। इसकी कमी धीरे-धीरे विकसित हो सकती है और शुरुआत में इसके लक्षण सामान्य थकान या कमजोरी जैसे लग सकते हैं। खास बात यह है कि विटामिन बी12 केवल मांसाहारी भोजन में नहीं मिलता, बल्कि दूध, दही, पनीर, अंडे और कुछ फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थ भी इसके स्रोत हो सकते हैं।
1. लगातार थकान और कमजोरी: पर्याप्त आराम के बावजूद हर समय थकान महसूस होना बी12 की कमी से जुड़ा हो सकता है। कमी होने पर एनीमिया भी हो सकता है।
2. हाथ-पैर में झनझनाहट: उंगलियों या पैरों में सुन्नपन, झनझनाहट या चुभन जैसा महसूस होना तंत्रिकाओं पर असर का संकेत हो सकता है।
3. चक्कर या सांस फूलना: बी12 की कमी से होने वाले एनीमिया में कमजोरी, चक्कर या थोड़ी मेहनत में सांस फूलने जैसी समस्या हो सकती है।
4. जीभ में बदलाव: जीभ का लाल, चिकना या दर्दनाक होना भी बी12 की कमी का संकेत हो सकता है।
5. याददाश्त और मूड में बदलाव: कुछ लोगों में ध्यान लगाने में परेशानी, भूलने की समस्या या मूड में बदलाव भी देखने को मिल सकता है।
इनमें से कोई लक्षण होने का मतलब यह जरूरी नहीं कि बी12 की ही कमी है। सही कारण जानने के लिए चिकित्सक की सलाह और जरूरत पड़ने पर रक्त जांच कराना बेहतर है। बिना जांच के लंबे समय तक बी12 की गोलियां या इंजेक्शन लेना उचित नहीं है।

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