नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार में बड़े और संपन्न निवेशकों का भरोसा लगातार मजबूत होता दिखाई दे रहा है। जून तिमाही के अंत तक एनएसई में सूचीबद्ध कंपनियों में उच्च निवल संपत्ति वाले निवेशकों यानी एचएनआई की हिस्सेदारी का मूल्य रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया।
उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक जून के अंत में एनएसई में सूचीबद्ध शेयरों में एचएनआई की हिस्सेदारी का मूल्य करीब 9.92 लाख करोड़ रुपये हो गया। मार्च तिमाही की तुलना में इसमें लगभग 1.83 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई। तिमाही आधार पर यह वृद्धि करीब 22.55 प्रतिशत बताई गई है।
इस उछाल का एक कारण शेयर बाजार में कई कंपनियों के शेयरों में आई तेजी भी हो सकता है। जब किसी कंपनी के शेयर का बाजार मूल्य बढ़ता है तो उसमें पहले से निवेश रखने वाले बड़े निवेशकों की कुल संपत्ति का मूल्य भी बढ़ जाता है। इसके अलावा कुछ एचएनआई निवेशकों ने अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई हो तो उसका भी असर आंकड़ों पर पड़ सकता है।
एचएनआई की बढ़ती हिस्सेदारी बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत मानी जाती है, क्योंकि यह वर्ग आम तौर पर बड़ी पूंजी के साथ निवेश करता है और अलग-अलग क्षेत्रों में अवसर तलाशता है। हालांकि इसका अर्थ यह नहीं कि हर बड़े निवेशक को मुनाफा हुआ है या आगे भी शेयर बाजार में तेजी निश्चित है।
निवेशकों के लिए यह आंकड़ा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि बड़ी रकम वाले निवेशकों की गतिविधियां कई कंपनियों के शेयरों में मांग और धारणा को प्रभावित कर सकती हैं। लेकिन छोटे निवेशकों को केवल एचएनआई की खरीद या हिस्सेदारी देखकर निवेश का निर्णय लेने के बजाय कंपनी के कारोबार, मूल्यांकन, कर्ज और जोखिम को भी देखना चाहिए।
रिकॉर्ड संपत्ति बाजार की ताकत दिखाती है, लेकिन शेयर बाजार में मुनाफे की कोई गारंटी नहीं होती।

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