बरेली में ₹100 करोड़ से अधिक के कथित फर्जी जीएसटी नेटवर्क में पुलिस ने फरजान हाशमी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, जीएसटी कार्रवाई के बाद फरजान नेपाल भाग गया था और वहां करीब दो साल से ‘संदीप’ नाम से पहचान छिपाकर रह रहा था।
जांच के अनुसार गिरोह फर्जी फर्में बनाकर बिना माल की वास्तविक खरीद-बिक्री के बिल जारी करता था और उसके आधार पर बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा किया जाता था। इससे सरकार को राजस्व का नुकसान होने का आरोप है।
मामले की जांच में पुलिस और जीएसटी अधिकारियों ने कई लोगों की भूमिका सामने आने की बात कही है। एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक कथित मास्टरमाइंड समेत पांच आरोपियों की गिरफ्तारी भी हुई है।
अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि फर्जी फर्मों का पूरा नेटवर्क कैसे चल रहा था, रकम कहां पहुंची और इस खेल में कितने लोग शामिल थे।
**फर्जी बिलों से लिया गया कर लाभ सिर्फ सरकारी राजस्व की चोरी नहीं, बल्कि पूरे कर तंत्र की विश्वसनीयता पर सवाल है।**

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