कोलकाता। पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में 12 वर्षीय बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। घटना के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पीड़ित परिवार से मिलने जाने वाली थीं, लेकिन तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने आरोप लगाया कि उनके आवास के बाहर भारी सुरक्षा बल तैनात कर उन्हें बारुईपुर जाने से रोकने की कोशिश की गई।
टीएमसी नेताओं ने इसे मुख्यमंत्री को "नजरबंद" करने की साजिश बताते हुए कहा कि विपक्ष और प्रशासन मिलकर ममता बनर्जी को पीड़ित परिवार से मिलने से रोकना चाहते हैं। पार्टी का दावा है कि मुख्यमंत्री स्वयं घटनास्थल पर जाकर पीड़ित परिवार को सांत्वना देना चाहती थीं, लेकिन उन्हें बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी गई।
दूसरी ओर, प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा कारणों और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए थे। अधिकारियों ने किसी भी राजनीतिक आरोप पर टिप्पणी करने से इनकार किया है।
इस जघन्य घटना के बाद राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्ष ने भी ममता सरकार पर तीखा हमला बोला है। भाजपा ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं और राज्य सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफल रही है।
वहीं, टीएमसी का कहना है कि इस संवेदनशील मामले का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश की जा रही है। पार्टी ने दोषियों के खिलाफ त्वरित और कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि पीड़ित परिवार को हर संभव न्याय दिलाया जाएगा।
बारुईपुर की यह घटना अब केवल एक आपराधिक मामला नहीं रह गई है, बल्कि पश्चिम बंगाल की राजनीति का बड़ा मुद्दा बन चुकी है। एक ओर विपक्ष कानून-व्यवस्था पर सरकार को घेर रहा है, तो दूसरी ओर टीएमसी इसे राजनीतिक साजिश बताकर जवाबी हमला कर रही है।

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