NEET परीक्षा विवाद और छात्रों के विरोध-प्रदर्शनों के बीच कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने छात्रों की जवाबदेही और शिक्षा सुधार की मांगों का जवाब संवाद से नहीं, बल्कि "कायरता और क्रूरता" से दिया तथा छात्रों के साथ "देश के दुश्मनों जैसा व्यवहार" किया।
सोनिया गांधी ने एक लेख में कहा कि:
छात्रों की मांग केवल शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही और सुधार की थी।
सरकार ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनों पर पुलिस कार्रवाई कर गलत संदेश दिया।
20 जुलाई को हुए घटनाक्रम को उन्होंने "काला दिन" बताते हुए लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल की आलोचना की।
उन्होंने केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय से परीक्षा प्रणाली में सुधार तथा जवाबदेही तय करने की मांग दोहराई।
वहीं, केंद्र सरकार का कहना है कि वह परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए कड़े कदम उठा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक पर सख्त कानून और त्वरित कार्रवाई की बात कही है, जबकि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने विपक्ष पर छात्रों के मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया है।

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